गाडरवारा (नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश) — निर्विवाद रूप से खेल-उत्सव और युवा प्रतिभा से भरी यह खबर मध्य प्रदेश के गाडरवारा में 13 से 17 नवंबर, 2025 तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय शालेय (स्कूल) वॉलीबॉल प्रतियोगिता (Under-19) की है। रूद्र मैदान में होने वाले इस आयोजन ने न सिर्फ स्कूली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अवसर दिया, बल्कि स्थानीय खेल-संस्कृति को भी एक नई पहचान दी है।
आयोजन और तैयारियाँ
प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारियाँ जोर-शोर से की गईं थीं। गाडरवारा के रूद्र मैदान में इस पांच दिवसीय टूर्नामेंट का उद्घाटन स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने ध्वजारोहण के साथ किया।
पत्रकार रिपोर्टों के अनुसार, उद्घाटन सम्ारोह में पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और खेल उत्साही दर्शकों की उपस्थिति रही।
मुख्य अतिथियों में मंत्री राव उदय प्रताप सिंह और राज्यमंत्री कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण) प्रमुख थे। इसके अतिरिक्त, पूर्व विधायक नरेश पाठक, स्थानीय नगर पालिका अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा, और साधना स्थापक नामक अन्य गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम को सम्मानित किया।
प्रतियोगिता का महत्व
इस राष्ट्रीय स्तर की स्कूली वॉलीबॉल प्रतियोगिता में लगभग 759 खिलाड़ी और 165 अधिकारियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने देश के विभिन्न राज्यों से अपनी टीमें भेजी थीं, जिससे यह आयोजन एक राष्ट्रीय मंच बन गया। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने उद्घाटन के समय खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें जीत-हार से ऊपर उठकर खेल भावना दिखानी चाहिए और समृद्ध प्रतिस्पर्धा में भाग लेना चाहिए।
आयोजन समिति ने यह सुनिश्चित किया कि खिलाड़ियों और अधिकारियों की रहने-जाने की व्यवस्था सही हो — खासकर स्कूली खिलाड़ियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया।
महत्वपूर्ण जोड़
प्रतियोगिता में SGFI के अंतर्गत कुल 33 यूनिट्स ने भाग लिया, जिनमें 28 राज्यों के साथ CBSE, KVS, NVS, ICSE/ISC और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें शामिल थीं। यही कारण है कि कई समाचार रिपोर्टों में “33 राज्यों की टीमें” आने का उल्लेख मिलता है।
मेहमान और सांस्कृतिक आकर्षण
प्रतियोगिता के समापन समारोह में एक बड़ा सांस्कृतिक आयोजन भी रखा गया था। पद्मश्री कैलाश खेर, प्रसिद्ध सूफी गायक, मैदान में विशेष प्रस्तुति देने आए थे। उनकी संगीत प्रस्तुति ने प्रतियोगिता को एक उत्सव-माहौल दिया और खिलाड़ियों, दर्शकों दोनों के लिए यह शाम यादगार बन गई।
खेल भावना और युवाओं पर प्रभाव
इस आयोजन ने गाडरवारा जैसे छोटे शहर को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय खिलाड़ियों और प्रतियोगिता-संस्कृति के करीब आने का मौका मिला है, जिससे उन्हें प्रेरणा और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
शालेय खेलों में इस प्रकार की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सामाजिक और शैक्षणिक महत्व भी बहुत बड़ा है — यह न सिर्फ फिटनेस और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है, बल्कि टीम वर्क, अनुशासन और आत्मविश्वास को भी मजबूत करती है।
मंत्री उदय प्रताप सिंह और राज्यमंत्री कृष्णा गौर की भागीदारी ने सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया है कि वह युवा खेल-प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए तैयार है। आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर यह दिखाया है कि गाडरवारा खेल आयोजन के लिए सक्षम है और भविष्य में भी ऐसे बड़े कार्यक्रम की मेजबानी कर सकता है।
69वीं राष्ट्रीय शालेय वॉलीबॉल प्रतियोगिता गाडरवारा में सिर्फ एक खेल टूर्नामेंट नहीं थी, बल्कि यह युवा शक्ति का उत्सव, संघ-भावना का प्रतीक और स्थानीय विकास का दर्पण थी। मेहमानों, खिलाड़ियों और दर्शकों की भागीदारी ने इसे यादगार बना दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और खेल के मेल-जोल ने यह स्पष्ट कर दिया कि खेल केवल जीत-हार का सिलसिला नहीं है, बल्कि यह एक शिक्षा-व्यवस्था और सामुदायिक जुड़ाव का मंच भी है।
आगे की उम्मीद यही है कि इस आयोजन से गाडरवारा में और अधिक खेल-प्रतिभाएँ विकसित हों, और भविष्य में भी यह शहर राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय खेल महोत्सवों का केंद्र बने।
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