Sydney (Bondi Beach) में यहूदी समुदाय पर भयानक हमला:
14 दिसंबर 2025 की शाम सिडनी के प्रसिद्ध Bondi Beach पर एक शांतिपूर्ण Hanukkah (हनुक्का) पर्व के दौरान एक भीषण हिंसक हमला हुआ, जिसे ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने antisemitic (यहूदियों के खिलाफ नफ़रत से प्रेरित) आतंकवादी हमला बताया है। यह घटना न केवल ऑस्ट्रेलिया बल्कि दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई है।
उस शाम “Chanukah by the Sea” नाम के कार्यक्रम में सैकड़ों लोग, परिवार और बच्चे, समुद्र तट के पास बने पार्क में इकट्ठा थे। तभी दो संदिग्ध व्यक्ति हथियारों के साथ वहां आए और भीड़ पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं। पुलिस और गवाहों के मुताबिक, दोनों संदिग्धों ने भीड़ को निशाना बनाया, जिससे भारी अफरातफ़री और त्रासदी फैल गई।
पुलिस घटना को आतंकवादी हमला घोषित कर चुकी है, क्योंकि हमला प्रत्यक्ष रूप से यहूदी समुदाय के धार्मिक आयोजन को निशाना बना रहा था। इसमें कम से कम 16 लोग मारे गए, जिनमें एक हमलावर भी शामिल है, और 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायल लोगों में कई गंभीर स्थिति में अस्पताल में हैं। अधिकारियों ने कथित हमलावरों में से एक को घटनास्थल पर मार गिराया, जबकि दूसरे को गिरफ्तार कर गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।
हमले के संदर्भ और पृष्ठभूमि:
ऑस्ट्रेलिया में यहूदियों को निशाना बनाने वाली हिंसा कोई नई बात नहीं है, लेकिन यह हमला इतिहास में अब तक का सबसे गंभीर माना जा रहा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश में antisemitic घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 2024-2025 के दौरान कई चर्च, सिनेगॉग (यहूदी पूजा स्थल) और यहूदी समुदाय के स्थानों पर आक्रमण, आगज़नी, नफ़रत भरी लिखावटें और हिंसा की घटनाएँ दर्ज की गई हैं, जो पहले की तुलना में कई गुना ज़्यादा हैं। विकिपीडिया
उदाहरण के तौर पर, इस साल Melbourne और Sydney में यहूदी सिनेगॉग पर आग लगाने की कोशिशें और antisemitic ग्रैफ़िटी जैसी घटनाएँ हुईं, जिन पर पुलिस और समुदाय की चिंताएँ बढ़ी हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ:
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनेज़े ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “evil antisemitism” यानी बुराई से प्रेरित नफ़रत बताया और कहा कि यह हमला न केवल यहूदियों बल्कि पूरे ऑस्ट्रेलिया के ढांचे पर हमला है। उन्होंने कहा कि “एक यहूदी ऑस्ट्रेलियाई पर हमला हर ऑस्ट्रेलियाई पर हमला है।” ABC
उनकी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कमेटी की बैठक बुलाई और जांच को आतंकवादी रूप में आगे बढ़ाया। साथ ही उन्होंने समाज में बढ़ती नफ़रत और विभाजन को रोकने के लिए कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
दुनिया भर के नेताओं और देशों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है। इज़राइल के राष्ट्रपति इ़साक हेर्ज़ोग़ ने हमले को “क्रूर” बताया और ऑस्ट्रेलिया से antisemitism के खिलाफ कड़े कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय के त्योहार को निशाना बनाना बेहद दुखद है। www.ndtv.com
इंटरनेशनल प्रतिक्रिया और आलोचना:
कुछ नेताओं ने विवादित बयान भी दिए हैं। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री पर यह आरोप लगाया कि उनकी सरकार की नीतियाँ antisemitism को बढ़ावा दे सकती हैं, हालांकि यह शीर्ष विषय विवाद में है और आलोचकों द्वारा मिश्रित प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। Reuters
वहीं कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसी हिंसा किसी भी धर्म की शिक्षा के खिलाफ है और सभी समुदायों को एकजुट होकर घृणा और विभाजन का मुकाबला करना चाहिए। couriermail.com.au
स्थानीय समुदाय पर प्रभाव:
Sydney के Bondi Beach जैसी जगह को आमतौर पर शांत और सुरक्षित माना जाता रहा है। इसलिए इस तरह का हमला न केवल यहूदी समुदाय के लिए बल्कि पूरे शहर और राष्ट्र के लोगों के लिए सदमा साबित हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस और आपात सेवाओं की कार्रवाई की सराहना की, जिसमें कुछ लोगों ने हमलावरों से लड़ने और दूसरों की सुरक्षा करने का साहस दिखाया। Forbes Australia
इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे बढ़ती नफ़रत, धार्मिक भेदभाव और हिंसा को रोकने के लिए सामाजिक और कानूनी उपायों को मजबूत किया जाए। समुदाय के नेताओं और नागरिकों ने एकजुटता, सहिष्णुता और आपसी सम्मान का संदेश दिया है, ताकि भविष्य में ऐसी भयानक घटनाएँ दोबारा न हों
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