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भारत में घुसे पाकिस्तानी ड्रोन, जम्मू-कश्मीर सीमा पर हाई अलर्ट

 नई दिल्ली/जम्मू:

भारत-पाकिस्तान सीमा पर एक बार फिर तनाव देखने को मिला है। जम्मू-कश्मीर के LoC (लाइन ऑफ कंट्रोल) और इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) के पास पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसते देखे गए हैं। इस घटना के बाद भारतीय सेना और BSF ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

भारत की सीमा में घुसते पाकिस्तानी ड्रोन का दृश्य, सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निगरानी और सर्च ऑपरेशन

कहाँ-कहाँ दिखे ड्रोन
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन गतिविधियाँ सांबा, पुंछ, राजौरी और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में देखी गईं। कुछ ड्रोन भारतीय सीमा में थोड़ी देर तक मंडराते हुए नजर आए और फिर वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए। ड्रोन की संख्या और उनके मकसद को लेकर जांच जारी है।

सेना और BSF की कार्रवाई
ड्रोन दिखते ही एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिए गए।

  • इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया
  • रात में अतिरिक्त निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई गई
  • संवेदनशील इलाकों में तकनीकी सर्विलांस तेज किया गया
    जंगल इलाके में हथियारों के साथ गश्त करते भारतीय सेना और BSF के जवान, सीमा सुरक्षा अभियान के दौरान सतर्क सुरक्षा बल

अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी नुकसान या विस्फोट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन खतरे को देखते हुए कोई ढील नहीं दी जा रही।

ड्रोन भेजने के पीछे क्या मकसद?
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की ओर से ड्रोन भेजे जाने के पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं:

  • सीमा की निगरानी (रिकॉनिसेंस)
  • हथियार या नशीले पदार्थों की तस्करी की कोशिश
  • आतंकी नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट
  • भारत की सुरक्षा व्यवस्था को परखने की साजिश

हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि अभी किसी उद्देश्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ
यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में देखे गए हों। बीते कुछ वर्षों में ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स गिराने की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं। इसी वजह से भारत ने सीमा पर एंटी-ड्रोन तकनीक और एयर डिफेंस सिस्टम को और मजबूत किया है।

भारत का कड़ा संदेश
भारत पहले ही साफ कर चुका है कि सीमा उल्लंघन और ड्रोन गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा। जरूरत पड़ने पर कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर कड़ा जवाब दिया जाएगा

मौजूदा स्थिति

  • सीमा पर हाई अलर्ट जारी
  • ड्रोन मूवमेंट पर लगातार निगरानी
  • सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह तैयार

अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।

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